स्नान करें और साफ सफेद या हल्के रंग के कपड़े पहनें
पूजा स्थान पर शिवलिंग और भगवान शिव की फोटो रखें
एक दीपक जलाएं
पूजा सामग्री:
जल
दूध
बेलपत्र (3 पत्तियों वाला)
धतूरा (अगर मिले)
शहद
दही
घी
चीनी
चंदन
अक्षत (चावल)
रात में मुख्य अभिषेक (सबसे जरूरी)
शिवलिंग पर इस क्रम में चढ़ाएं:
जल
दूध
दही
शहद
घी
फिर जल से स्नान
हर चीज चढ़ाते समय बोलें:
ॐ नमः शिवाय
कम से कम 108 बार जप करें
शिवलिंग पर बेलपत्र उल्टा रखने का सही मतलब:
चिकना (smooth) भाग नीचे रहे
नसों वाला भाग ऊपर रहे
डंठल (stem) आपकी तरफ रहे
इसे ही सामान्य भाषा में उल्टा रखना कहते हैं।
Om Hreem Joom Sah + Om Namah Shivaya
मध्यरात्रि की विशेष पूजा (सबसे शक्तिशाली समय)
महामृत्युंजय मंत्र (11 या 21 बार)
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे
सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्
मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
अंत में प्रार्थना
हाथ जोड़कर अपनी मनोकामना बोलें।
सरल प्रार्थना:
"हे भोलेनाथ, मेरी सभी परेशानियां दूर करें और मुझे सुख, शांति और सफलता दें।"
सबसे महत्वपूर्ण 3 नियम
शिवलिंग पर हल्दी न चढ़ाएं
बेलपत्र जरूर चढ़ाएं
ॐ नमः शिवाय जप सबसे जरूरी है
गुप्त विशेष उपाय (बहुत शक्तिशाली)
आज रात:
शिवलिंग पर जल + शक्कर मिलाकर चढ़ाएं
और बोलें:
ॐ नमः शिवाय
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